रविवार, 25 मई 2014

171. नोस्त्रादमूस की भविष्यवाणी तथा नरेन्द्र मोदी


       20-22 साल पहले नोस्त्रादमूस की भविष्यवाणियों पर एक किताब पढ़ी थी। किताब के अनुसार, नोस्त्रादमूस कहते हैं कि अगर उन्होंने अपनी इन भविष्यवाणियों को सीधे-सपाट तरीके से तथा क्रम से लिखा, तो उनका जीना दूभर हो जायेगा। इसलिए वे क्रम बिगाड़कर, संकेतों का प्रयोग करते हुए इन्हें लिख रहे हैं। वैसे भी, चूँकि उस जमाने में हवाई जहाज, पनडुब्बी, मिसाइल इत्यादि नहीं बने थे, इसलिए इनके लिए संकेतों का इस्तेमाल होना ही था।
       खैर। बात भारत की। किताब के अनुसार, नोस्त्रादमूस ने "तीन तरफ पानी से घिरे" जिस देश का जिक्र किया है, वह भारत है। इसी प्रकार, "एक समुद्र के नाम पर पुकारे जाने वाले" जिस धर्म का जिक्र किया है, वह हिन्दू धर्म है।
       तो इस देश तथा इस धर्म से जुड़ी कुछ भविष्यवाणियों की व्याख्या मुझे याद हैं, जो उस किताब में थीं।
       इस देश में एक ऐसे राजा का जिक्र है, जो "आकाश से उतरकर" राजा बनेगा। इसे राजीव गाँधी से जोड़ा गया था।
       आगे चलकर एक "नीली पगड़ी वाले राजा" का जिक्र था, जो शुरु में नाम कमायेगा, मगर बाद में बहुत बदनाम हो जायेगा। जैसा कि मैंने बताया, यह किताब मैं 1992-94 के बीच कभी पढ़ रहा था, तो उस वक्त मेरी समझ में नहीं आया था कि पगड़ी वाला राजनेता भला कौन है, जिसके प्रधानमंत्री बनने की सम्भावना हो? हरकिशन सिंह सुरजीत के लिए कोई सम्भावना नजर नहीं आ रही थी और डॉ. मनमोहन सिंह के नाम पर तो विचार करना भी मुश्किल था- प्रथम श्रेणी की राजनीति में वे कहीं ठहरते ही नहीं थे!  
       मगर देखिये, कि प्रायः 10 साल बाद वक्त बदला और डॉ. सिंह प्रधानमंत्री बने। आर्थिक सुधारों को "मानवीय चेहरा" देने की बात कहकर देश-दुनिया में काफी वाह-वाही बटोरी उन्होंने, मगर अन्तिम दिनों में एक "खड़ाऊँ" प्रधानमंत्री के रुप में तथा घोटालेबाजों को प्रश्रय देने वाले के रुप में काफी बदनाम हुए।
       इसके बाद एक ऐसे राजा का जिक्र है, जिसके राज में हिन्दू धर्म की पताका यूनान तक लहरायेगी। ठीक से याद नहीं, पर शायद इसी राजा के बहुत कठोर हो जाने का भी जिक्र था किताब में।
       कल नरेन्द्र मोदी जी प्रधानमंत्री पद का शपथ लेंगे। उन्हें जैसा अप्रत्याशित बहुमत मिला है संसद में, उसे देखकर तो यही लगता है कि इस बार के चुनाव में हिन्दुओं ने थोड़ी-सी एकजुटता दिखायी है!
       ...तो क्या यह मान लिया जाय, कि नरेन्द्र मोदी ही नोस्त्रादमूस की भविष्यवाणी में वर्णित "तीन तरफ पानी से घिरे" उस देश के राजा हैं, जिनके राज में "एक समुद्र के नाम पर पुकारे जाने वाले" धर्म का झण्डा दुनिया में दूर-दूर तक लहरायेगा...?  

4 टिप्‍पणियां:

  1. ... उसका नाम चेरियन होगा, ... उः बृहस्पति-बार का उपासक होगा ... वह उस तिन समंदर से घिरा हुया देशा के दक्षिण प्रांत से उभर कर आयेगा ... वह सैनिक-वेशी होगा ...एक सशक्त सेना-नायक होगा ... इत्यादि इत्यादि होगा ।

    बात ऐसी है की नरेन्द्र मोदी को नहीं चाहते हुए भी बहुतों ने वोट देने को वाध्य हुए । हिन्दोस्तानिओन को इसमें वाध्य किये मुसलामानों ने अपनी 'वंश-विवर्धन की नीति द्वारा भारत को कब्ज़ा करने की चतुराई से, तथा कठोर धर्मांध आक्रामक बयानबाजी द्वारा। ...
    नरन्द्र मोदी की सफल मुख्यमंत्रित्व से काफी ज्यादा इस निर्वाचन में प्रभाव तथा अवदान रहा "ऐश्लामिक-भयानक-उग्रवाद" तथा सभी को "आतंकित करने की प्रक्रिया" का ।

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  2. रुपया भी संसार में नाम कमाएगा .........

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  3. मैंने पढ़ा था कि उसका नाम कमल से होगा ..या उसका पर्यायवाची ....
    हो सकता है उनके चुनाव चिन्ह के बारे में हो ...

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